विष्णु · भक्ति
सम्बन्धित आरती, चालीसा, स्तोत्र, मन्त्र और प्रार्थना उनके अर्थ सहित पढ़ें।
विष्णु का परिचय पढ़ें
आरती

आरती
आरती कुंजबिहारी की — श्रीकृष्ण आरती
कृष्ण की ब्रज-प्रभावित आरती—टेक सहित चार पद, उनके अर्थ, स्रोत और पाठभेद।
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आरती
ॐ जय जगदीश हरे — भगवान विष्णु की आरती
भगवान विष्णु की चयनित आरती का पूरा पाठ, हिंदी भावार्थ और सावधानीपूर्वक स्रोत-परीक्षण।
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आरती
ॐ जय लक्ष्मी माता — श्री लक्ष्मी जी की आरती
माँ लक्ष्मी की चयनित आठ-पदीय आरती, मूल देवनागरी पाठ, सरल अर्थ और विश्वसनीय स्रोत-समीक्षा।
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आरती
ॐ जय शिव ओंकारा — शिव आरती
शिव आरती का चयनित आठ-पदी संपूर्ण देवनागरी पाठ, सरल अर्थ और स्रोत-सचेत विवेचन।
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चालीसा
स्तोत्र

स्तोत्र
आदित्यहृदयम्: सम्पूर्ण ३१ श्लोक और सरल हिंदी अर्थ
रणभूमि में थके राम को अगस्त्य सूर्य-स्तुति सुनाते हैं; कथा में प्रकाश, साहस और मन की दृढ़ता जुड़े हैं।
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स्तोत्र
कनकधारा स्तोत्रम् (लक्ष्मी स्तुति)
अठारह पदों में लक्ष्मी की करुणा-दृष्टि, मंगल और धन से आगे के कल्याण की मनोहर स्तुति।
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स्तोत्र
मधुराष्टकम् (अधरं मधुरं)
आठ पदों में श्रीकृष्ण के रूप, वेणु, सखाओं, यमुना और व्रज-जगत की मधुरता का भावपूर्ण गान।
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स्तोत्र
पुरुषसूक्तम् — ऋग्वेद १०.९०
विराट् पुरुष, विश्व-उद्भव, यज्ञ-रूपक और सृष्टि की एकात्मता पर ऋग्वेद की सोलह ऋचाएँ।
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स्तोत्र
श्रीसूक्तम्: १५ वैदिक ऋचाएँ, हिन्दी अर्थ और पाठ-समीक्षा
श्री/लक्ष्मी की वैदिक स्तुति: ज्योति, अन्न, सत्य, परिवार और स्थायी मंगल की १५ ऋचाओं का स्रोत-सचेत पाठ।
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स्तोत्र
विष्णुसहस्रनाम: महाभारत का १४२-श्लोक पाठ और अर्थ
भीष्म युधिष्ठिर को विष्णु के सहस्र नामों की स्तुति सुनाते हैं; भूमिका धर्म-प्रश्न और अंत में फलश्रुति है।
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मन्त्र और जप

मन्त्र और जप
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय — द्वादशाक्षरी मन्त्र
ध्रुव को नारद द्वारा बताया गया बारह-अक्षरी वासुदेव-नमस्कार मन्त्र—स्रोत और भावार्थ सहित।
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मन्त्र और जप
ॐ नमो नारायणाय — अष्टाक्षरी मन्त्र
नारायण के आठ-अक्षरी नमस्कार-मन्त्र की सरल, स्रोत-आधारित और परम्परा-सचेत व्याख्या।
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मन्त्र और जप
श्रीराम जय राम जय जय राम — त्रयोदशाक्षरी राममन्त्र
रामनाम का तेरह-अक्षरी जयघोष—उपनिषद्-स्रोत, शब्दार्थ, अक्षर-गणना और परम्परा सहित।
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