शिवगोरक्ष · जानकारी और सहायता

शिवगोरक्ष के बारे में

शिव, शक्ति, शैव दर्शन और नाथ परम्पराओं के अध्ययन तथा भक्ति के लिए एक खुला द्विभाषी पुस्तकालय।

अद्यतन: 26 अक्टूबर 2026

अध्ययन और मनन का स्थान

शिवगोरक्ष एक स्वतंत्र शैक्षिक और भक्तिपरक पठन-प्रयास है। इसका मुख्य विषय शिव, शक्ति, शैव दर्शन और नाथ परम्पराएँ हैं। इन्हें व्यापक हिन्दू शास्त्रीय और भक्तिपरक संसार के सन्दर्भ में समझने का प्रयास किया जाता है। मूल पाठ, अनुवाद, व्याख्याएँ और परिचयात्मक मार्गदर्शिकाएँ एक स्थान पर उपलब्ध हैं, ताकि पाठक अपनी गति से अध्ययन कर सकें।

दो भाषाओं में खुला पठन

यह पुस्तकालय अंग्रेज़ी और हिन्दी में निःशुल्क पढ़ा जा सकता है; पाठक-खाता आवश्यक नहीं है। शास्त्र, अध्ययन, भक्ति, पूजा और अभ्यास, पर्व और पंचांग इसके प्रमुख अनुभाग हैं। भाषा बदलने के लिए पृष्ठ पर दिया गया विकल्प चुनें। दोनों भाषाओं का उद्देश्य विषय को स्पष्ट करना है; अनुवाद अपने स्रोत की एक व्याख्या भी होता है।

जीवित परम्पराओं के प्रति सम्मान

शैव, शाक्त और नाथ परम्पराओं में अनेक मत, पद्धतियाँ और ऐतिहासिक दृष्टियाँ हैं। किसी एक परम्परा का परिचय सभी समुदायों की ओर से नहीं बोलता। सांस्कृतिक जानकारी, भक्तिपाठ और साधना-निर्देश अलग रखे जाते हैं। यह प्रयास अकादमिक मान्यता, औपचारिक वंश-परम्परा के अधिकार या दीक्षा देने की क्षमता का दावा नहीं करता।

स्रोतों के प्रति जिम्मेदारी

ऐतिहासिक संस्करण, आधुनिक रचनाएँ, अनुवाद और सरल व्याख्याएँ अलग स्रोतों और उपयोग-शर्तों से जुड़े हो सकते हैं। स्रोत-विवरण में ये भेद स्पष्ट किए जाते हैं और सुधारों का इतिहास सुरक्षित रखा जाता है। संस्थापक की समीक्षा के बाद शैक्षिक प्रकाशन को स्वतंत्र विद्वत्-प्रमाणन न मानें। प्रमाण अधूरा होने पर अनिश्चितता बताई जाती है, कोई प्रामाणिकता गढ़ी नहीं जाती।

जिज्ञासा और विवेक के साथ पढ़ें

यह पुस्तकालय सीखने, मनन और सम्मानपूर्ण भक्ति में सहायक है। यह चिकित्सा, कानूनी सलाह, योग्य शिक्षक या किसी विशेष परम्परा के मार्गदर्शन का विकल्प नहीं है। स्रोत और सम्पादकीय पद्धति तथा सम्पादकीय नीति में हमारी कार्यपद्धति पढ़ें। प्रश्न, सुधार और अनुमति-सम्बन्धी अनुरोध akhileshsaini.com@gmail.com पर भेज सकते हैं।