शिवगोरक्ष · जानकारी और सहायता

पंचांग और कैलेंडर की पद्धति

नगर, सूर्योदय और उत्तर भारतीय परम्परा के आधार पर गणना तथा उसकी वर्तमान सीमाएँ।

अद्यतन: 26 अक्टूबर 2026

गणना-आधारित संदर्भ पंचांग

सार्वजनिक पंचांग 2026–2028 के लिए गणना से निकले पंचांग-विवरण और समर्थित पर्व दिखाता है। इसमें स्थापित panchang-ts खगोलीय इंजन, निश्चित विन्यास और उसकी अखण्डता-जाँच का उपयोग होता है। यह अस्थायी शैक्षिक संदर्भ है, स्वतंत्र रूप से प्रमाणित खगोलीय या अनुष्ठानिक शुद्धता नहीं। थोड़े उदाहरणों की तुलना पूरे कालखण्ड को सत्यापित नहीं कर सकती।

नगर, समय-क्षेत्र और दिन

दिल्ली, मुंबई, वाराणसी, उज्जैन, हरिद्वार, कोलकाता, चेन्नई या बेंगलुरु चुनें। आठों संदर्भ नगर Asia/Kolkata, अर्थात भारतीय मानक समय, में हैं। सूर्योदय, सूर्यास्त और चन्द्र-तिथि का सूर्योदय से सम्बन्ध स्थान पर निर्भर है। मॉडल संदर्भ निर्देशांक और आदर्श क्षितिज लेता है; स्थानीय भू-आकृति, भवन, ऊँचाई और वायुमण्डल से वास्तविक उदय-अस्त में अन्तर हो सकता है। ‘आज’ चुने हुए नगर के समय-क्षेत्र के अनुसार होता है।

तिथि और चान्द्र मास

तिथि चन्द्रमा और सूर्य की सापेक्ष कोणीय स्थिति से बनती है। वह आवश्यक नहीं कि आधी रात से शुरू हो या पूरे नागरिक दिन तक चले। चुने हुए दिन का विवरण सूर्योदय की तिथि और बाद के बदलाव अलग दिखाता है। जहाँ गणना से पूरी सीमा मिलती है, आरम्भ और अन्त का वास्तविक समय दिया जाता है। सीमा न मिलने पर सूर्योदय को निश्चित आरम्भ न समझें। मास-नाम उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त परम्परा के अनुसार हैं।

पर्व-दिन का चयन

पर्व-लेख और मासिक पंचांग एक ही गणना-सेवा का उपयोग करते हैं। पर्व का दिन खगोल के साथ चुने हुए नियम पर भी निर्भर है; सूर्योदय, सायंकाल या किसी अन्य समय-खण्ड से अलग तारीख निकल सकती है। क्षेत्रीय, स्मार्त, वैष्णव और अन्य परम्पराओं में मतभेद सम्भव हैं। कुछ लुप्त-सूर्योदय तिथियों का चयन अभी अनिर्णीत है। शरद पूर्णिमा के पर्व-दिन में दर्ज मतभेद पर आगे तुलना आवश्यक है; वर्तमान तारीख को सर्वमान्य निर्णय न मानें। किसी पर्व का न दिखना यह प्रमाण नहीं कि उस दिन कोई परम्परा उसे नहीं मानती।

चन्द्र-चित्र और अनुपलब्ध समय

चन्द्र-चित्र सूर्योदय के मॉडल से निकली सांकेतिक आकृतियाँ हैं; वे दूरबीन का दृश्य या वास्तविक प्रकाशमान भाग की गारंटी नहीं हैं। वेबसाइट व्यक्तिगत मुहूर्त, पारण, घटस्थापना या दीक्षा-सम्बन्धी समय नहीं देती। केवल पर्व की तारीख से किसी परिवार या संस्था के लिए अनुष्ठान का सही समय निश्चित नहीं होता।

उपयोग और त्रुटि की सूचना

पंचांग में नगर और तारीख चुनें; प्रसंग के लिए पर्व-संग्रह पढ़ें। महत्त्वपूर्ण पर्व में अपनी स्थानीय परम्परा और उपयुक्त प्रकाशित पंचांग से तुलना करें। अन्तर बताने के लिए नगर, तारीख, सम्बन्धित परिणाम, संदर्भ का समय और स्रोत akhileshsaini.com@gmail.com पर भेजें; पद्धति पता हो तो वह भी दें। खगोलीय अन्तर और पर्व-चयन के अन्तर को अलग समझा जाता है; केवल दूसरी वेबसाइट से मिलाने के लिए परिणाम नहीं बदले जाते।