पार्वती · भक्ति
सम्बन्धित आरती, चालीसा, स्तोत्र, मन्त्र और प्रार्थना उनके अर्थ सहित पढ़ें।
पार्वती का परिचय पढ़ें
आरती

आरती
जय गणेश देवा — गणेश जी की आरती
चयनित पाँच-पदी आरती का संपूर्ण देवनागरी पाठ, भावार्थ और पाठभेद-सूचना।
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आरती
जय पार्वती माता — चुना हुआ पूरा पाठ और सरल अर्थ
माता पार्वती की आरती—टेक और सात पद पहले, फिर हर पद का अर्थ, स्रोत और पाठभेद।
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आरती
ॐ जय शिव ओंकारा — शिव आरती
शिव आरती का चयनित आठ-पदी संपूर्ण देवनागरी पाठ, सरल अर्थ और स्रोत-सचेत विवेचन।
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चालीसा
स्तोत्र

स्तोत्र
अन्नपूर्णा स्तोत्रम्: सम्पूर्ण पाठ, अर्थ और पाठभेद
भोजन, करुणा, ज्ञान और वैराग्य को जोड़ने वाली माँ अन्नपूर्णा की काशी-केन्द्रित प्रार्थना।
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स्तोत्र
देव्यपराधक्षमापनस्तोत्रम्: मूल पाठ, हिन्दी अर्थ और पाठभेद
क्षमा की बारह-पदीय प्रार्थना जो पूजा की कमी और जीवन की भूलों के बीच मातृकरुणा का आश्वासन खोजती है।
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स्तोत्र
गणेशपञ्चरत्नम्: सम्पूर्ण पाठ, अर्थ और पाठभेद
गणेश की आनन्दमय, करुणामय और अन्तर्यामी छवि को प्रकट करते पाँच पद तथा उनसे अलग फलश्रुति।
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स्तोत्र
श्रीरुद्राष्टकम् — सम्पूर्ण पाठ और अर्थ
शिव के निराकार चैतन्य से नीलकण्ठ स्वरूप तक की आठ संस्कृत स्तुतियाँ, जिनका समापन विनम्र शरणागति में होता है।
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स्तोत्र
शिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् — सम्पूर्ण मूल पाठ और अर्थ
न–म–शि–वा–य के पाँच अक्षर-श्लोकों में शिव-स्तुति; १९१२ की पृथक फलश्रुति और स्रोत-टिप्पणियों सहित।
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