अध्ययन · 12 मार्गदर्शिकाएँ
दर्शन और परम्पराएँ
अपनी रुचि का विषय चुनें और संदर्भों के साथ विस्तार से पढ़ें।

शैव परंपरा का परिचय
शैव परंपरा को सरल हिंदी में समझें—वैदिक रुद्र, शिव-भक्ति, शैव सिद्धांत, कश्मीर का दर्शन, नाथ परंपरा, शिवलिंग और नटराज के संदर्भ सहित।

शिव और शक्ति
शिव और शक्ति का संबंध समझें—अर्धनारीश्वर, शैव सिद्धांत, कश्मीर के अद्वैत शैव दर्शन, देवी-माहात्म्य और भक्ति-परंपराओं के स्रोत-आधारित विवेचन के साथ।

नाथ संप्रदाय का परिचय
नाथ संप्रदाय के इतिहास, आदिनाथ, मत्स्येन्द्रनाथ, गोरखनाथ, नवनाथ, हठयोग, ग्रंथों तथा क्षेत्रीय परंपराओं को सरल और प्रमाण-सजग हिंदी में समझें।

शैव दर्शन की प्रमुख परंपराएँ
पाशुपत, शैव सिद्धांत, कश्मीर शैव दर्शन, तमिल भक्ति, वीरशैव और नाथ परंपराओं

शाक्त परंपरा का परिचय
देवी और शक्ति का अर्थ, शाक्त दर्शन की विविधता, देवीमाहात्म्य, दुर्गा-काली-श्रीविद्या, क्षेत्रीय परंपराओं और उत्सवों को सरल, स्रोत-आधारित हिंदी में समझें।

नवनाथ
नवनाथ कौन हैं? नौ नाथों की अलग-अलग सूचियाँ, मत्स्येन्द्रनाथ, गोरखनाथ, महाराष्ट्र की भक्तिकथाएँ, क्षेत्रीय गुरु-परंपरा तथा इतिहास और श्रद्धा का अंतर जानें।

मत्स्येन्द्रनाथ और गोरखनाथ
मत्स्येन्द्रनाथ और गोरखनाथ की गुरु–शिष्य परंपरा, नाथ कथाओं, ऐतिहासिक प्रमाणों, योग-दर्शन, ग्रंथों और क्षेत्रीय विविधताओं को सरल हिंदी में समझें।

हठयोग
हठयोग के मध्यकालीन ग्रंथों, बौद्ध-शैव संपर्क, मत्स्येन्द्रनाथ-गोरखनाथ की विरासत और आधुनिक योग से उसके अंतर को समझें।

शिवलिंग का अर्थ और प्रतीकात्मक महत्व
शिवलिंग का अर्थ समझें: संस्कृत, शिवपुराण, प्राचीन मूर्तिशिल्प, शिव–शक्ति प्रतीकवाद और जीवित उपासना की स्रोत-आधारित मार्गदर्शिका।

कश्मीर शैव दर्शन
कश्मीर शैव दर्शन में प्रत्यभिज्ञा, चेतना, शिव–शक्ति, स्पन्द, आचार्य, ग्रंथ और मोक्ष के विचारों को ऐतिहासिक सावधानी के साथ समझें।

शैव सिद्धान्त
पति–पशु–पाश, तीन मल, शिवकृपा, संस्कृत आगम, तमिल भक्ति, मन्दिर-उपासना और मोक्ष के विचार का स्रोत-आधारित परिचय।

शैव और नाथ परंपराओं में मोक्ष, ध्यान और आत्मबोध
शैव सिद्धान्त, कश्मीर के अद्वैत शैव दर्शन और नाथ योग में मोक्ष, कृपा, प्रत्यभिज्ञा, समाधि और जीवनमुक्ति के अर्थ समझें।
स्रोत और संपादकीय जानकारी
प्रारंभिक सार्वजनिक संपादकीय संस्करण। स्वतंत्र स्रोत, पाठ और विशेषज्ञ समीक्षा अधूरी है; इसे प्रमाणित शास्त्रीय या अनुष्ठानिक निर्देश न मानें।
हमारे स्रोत


