पूजा का सामान्य अर्थ श्रद्धा और आदर के साथ की जाने वाली उपासना है। अनेक हिन्दू परम्पराओं में भक्त प्रार्थना, स्मरण और विभिन्न अर्पणों के माध्यम से आराध्य के प्रति सम्मान प्रकट करते हैं। यह घर, मन्दिर, उत्सव अथवा अन्य उपयुक्त स्थान पर हो सकती है। कुछ पूजा-रूपों में मूर्ति या प्रतीक प्रमुख होते हैं, जबकि अन्य में पाठ, ध्यान या सरल भक्तिपूर्ण अभिव्यक्ति पर बल दिया जाता है।
सभी हिन्दू समुदायों की पूजा एक जैसी निर्धारित विधि से नहीं होती। उसका रूप देवता, क्षेत्र, परिवार, मन्दिर और परम्परा पर निर्भर हो सकता है। पूजा का अर्थ समझना और किसी विशिष्ट पूजा-विधि का निर्देश देना अलग बातें हैं। यहाँ पहला विषय समझाया गया है; किसी विशेष अनुष्ठान की सम्पूर्ण विधि नहीं दी जा रही।



