सभी प्रश्न देखें

हठयोग और नाथ परम्पराओं का क्या संबंध है?

English

नाथ परम्पराओं का हठयोग के ऐतिहासिक विकास और प्रसार से गहरा संबंध है। गोरखनाथ और अन्य सिद्धों से संबद्ध ग्रन्थों तथा गुरु-धाराओं में शरीर, श्वास और मन के अनुशासन द्वारा आध्यात्मिक रूपान्तरण एवं मुक्ति की चर्चा मिलती है।

लेकिन यह कहना ठीक नहीं कि हठयोग की सभी विधियाँ केवल गोरखनाथ या नाथ सम्प्रदाय ने ही आरम्भ की थीं। आधुनिक शोध में अनेक परस्पर संपर्क रखने वाले तपस्वी, शैव और बौद्ध समुदायों का योगदान सामने आता है; कुछ प्राचीन स्रोत प्रसिद्ध नाथ-नाम वाले ग्रन्थों से पहले के हैं। आज की केवल आसन-केंद्रित योग-कक्षा को भी मध्यकालीन नाथ-योग के समान नहीं समझना चाहिए। यह उत्तर इतिहास का परिचय है, उन्नत प्राणायाम या गूढ़ साधना का निर्देश नहीं।

संदर्भ और स्रोत

ये संदर्भ मूल उत्तर के साथ दिए गए हैं। स्वतंत्र स्रोत और विशेषज्ञ सत्यापन अभी पूरे नहीं हैं।

  1. Hatha Yoga Project — Ancient practices for modern wellbeing
  2. The Original Gorakṣaśataka
  3. The Amṛtasiddhi and Amṛtasiddhimūla
इन उत्तरों के बारे में

प्रारंभिक सार्वजनिक संपादकीय संस्करण। स्वतंत्र स्रोत, पाठ, अधिकार और विशेषज्ञ समीक्षा अभी अधूरी है। उत्तर सामान्य परिचय हैं, प्रमाणित अनुष्ठानिक निर्देश नहीं।

संपादकीय नीति