नाथ सम्प्रदाय (नाथ पंथ) दक्षिण एशिया की विविध धार्मिक और योग-परम्पराओं का समूह है, जिसका विशेष संबंध मत्स्येन्द्रनाथ और गोरखनाथ जैसे पूज्य गुरुओं से है। इसमें शिव-उपासना, योग-साधना, गुरु-शिष्य परम्परा तथा संन्यासी और गृहस्थ—दोनों प्रकार के अनुयायी मिलते हैं। कुछ समुदाय मठ और वैराग्य को महत्त्व देते हैं, जबकि अन्य क्षेत्रीय तथा लोकभाषायी रूपों में इस विरासत को आगे बढ़ाते हैं।
नाथ सम्प्रदाय कोई एकरूप संगठन नहीं है, न ही उसके ऐतिहासिक उद्भव पर पूर्ण सहमति है। परम्परागत कथाएँ उसकी शुरुआत आदिनाथ शिव जैसे आदिगुरुओं से जोड़ती हैं, जबकि इतिहासकार मध्यकालीन दक्षिण एशिया में संगठित नाथ समुदायों के विकास का अध्ययन करते हैं। इन दोनों स्तरों को स्पष्ट रूप से अलग समझना चाहिए।



