आरती में सामान्यतः दीप या लौ का प्रकाश अर्पित करके देवता, पवित्र प्रतीक अथवा पूज्य उपस्थिति के प्रति श्रद्धा व्यक्त की जाती है। ‘आरती’ उस अवसर पर गाए जाने वाले भक्ति-गीत का नाम भी है। मंदिरों और घरों में यह प्रायः व्यापक पूजा का भाग होती है। कई स्थानों पर इसके साथ घंटी, गायन या सामूहिक सहभागिता भी जुड़ी रहती है।
प्रकाश के प्रतीकात्मक अर्थ की व्याख्या विभिन्न आचार्य और समुदाय अलग प्रकार से कर सकते हैं। गीत, क्रम, सामग्री और रीति हर जगह समान नहीं होते। शिव, देवी, गणेश या अन्य देवताओं की आरतियों के पद भी अलग होते हैं। सार्वजनिक FAQ का उद्देश्य आरती का परिचय देना है, सभी परिवारों और परम्पराओं के लिए एक अनिवार्य अनुष्ठान-विधान घोषित करना नहीं।



