ॐ नमः शिवाय का सामान्य भावार्थ है—“ॐ; भगवान शिव को नमस्कार अथवा प्रणाम।” यहाँ नमः श्रद्धापूर्वक नमन का भाव व्यक्त करता है और शिवाय का अर्थ ‘शिव को’ है। प्रारम्भ का ॐ अपने आप में पवित्र ध्वनि है, जिसकी व्याख्याएँ अलग-अलग परम्पराओं में मिलती हैं।
शैव भक्तों के लिए यह केवल अभिवादन नहीं, बल्कि शिव-स्मरण और भक्तिभाव का माध्यम है। नमः शिवाय पद को यजुर्वेद की श्रीरुद्रम् परम्परा से जोड़ा जाता है। कुछ सम्प्रदाय इसके अक्षरों के साथ तत्त्वों या आध्यात्मिक सिद्धान्तों का प्रतीकात्मक सम्बन्ध भी बताते हैं; ऐसे अर्थ शब्दशः अनुवाद नहीं, बल्कि परम्परा-विशेष की व्याख्याएँ हैं। औपचारिक अनुष्ठान के नियम समुदाय अथवा गुरु के अनुसार बदल सकते हैं।



