सूर्योदय पर
शुक्ल अष्टमी
- आरम्भ
- समाप्ति
दिन, तिथि और परम्परा
अपने नगर का पंचांग देखें और पर्वों की गणना-आधारित तारीखें जानें।
इन गणना-आधारित तारीखों का हर नगर और हर दिन के लिए स्वतंत्र सत्यापन नहीं हुआ है। पर्व-दिन की पुष्टि स्थानीय पंचांग से करें; स्थान और परम्परा के अनुसार तारीख बदल सकती है। तारीखें कैसे चुनी जाती हैं
पंचांग का दायरा २०२६–२०२८ तक है।
वर्ष का परिचय · समय क्षेत्र: Asia/Kolkata
शनिवार, 16 जनवरी 2027
चुना हुआ दिन
दिल्ली · शनिवार
सभी समय भारतीय मानक समय (Asia/Kolkata) में हैं।
सूर्योदय पर
बाद में आने वाली तिथि
इस गणना में इस दिन कोई पर्व या व्रत सूचीबद्ध नहीं है।
जनवरी 2027
एकादशी महीने में दो बार आने वाली चंद्र-तिथि है। विष्णु-भक्ति, पारण, स्मार्त-वैष्णव अंतर और प्रमुख परंपराएँ समझें।
इस दिन का पंचांगहर चंद्रमास की कृष्ण चतुर्दशी से जुड़ी शिव-उपासना, निशीथ काल, व्रत और पंचांग के भेद समझें।
इस दिन का पंचांगत्रयोदशी-संध्या से संबंधित नियमित शिव व्रत।
इस दिन का पंचांगमासिक अमावस्या तिथि, पितृ-स्मरण, तर्पण और विविध क्षेत्रीय परंपराओं को प्रमाण सहित समझें।
इस दिन का पंचांगसूर्योपासना, अन्न के प्रति कृतज्ञता, दान, तिल-गुड़ और गोरखनाथ मंदिर के खिचड़ी मेले सहित अनेक लोकपरंपराओं का पर्व।
इस दिन का पंचांगएकादशी महीने में दो बार आने वाली चंद्र-तिथि है। विष्णु-भक्ति, पारण, स्मार्त-वैष्णव अंतर और प्रमुख परंपराएँ समझें।
इस दिन का पंचांगएकादशी महीने में दो बार आने वाली चंद्र-तिथि है। विष्णु-भक्ति, पारण, स्मार्त-वैष्णव अंतर और प्रमुख परंपराएँ समझें।
इस दिन का पंचांगत्रयोदशी-संध्या से संबंधित नियमित शिव व्रत।
इस दिन का पंचांगहर महीने की पूर्णिमा तिथि, सत्यनारायण कथा, क्षेत्रीय पौर्णमी परंपराएँ और अलग-अलग पंचांग नियम समझें।
इस दिन का पंचांगदिल्ली के लिए समय भारतीय मानक समय (Asia/Kolkata) में हैं। तारीखें सूर्य और चन्द्र की गणना से निकाली गई हैं; इनकी स्वतंत्र प्रमाणिकता समीक्षा पूरी नहीं हुई है।
यह उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त मास-परम्परा का उपयोग करता है। अलग-अलग परम्पराओं में पर्व या व्रत की तारीख अलग हो सकती है। कुछ लुप्त-सूर्योदय तिथियों का व्रत-दिन अभी अनिर्णीत है।
चन्द्र-चित्र सूर्योदय के समय की सांकेतिक आकृतियाँ हैं। मुहूर्त, पारण या घटस्थापना के समय यहाँ नहीं दिए जाते।
पंचांग की पूरी पद्धति और सीमाएँ