पर्व, कथाएँ और परम्पराएँ

पर्व और व्रत

27 लेखों में पर्वों के अर्थ, परम्पराओं और कैलेंडर के सन्दर्भों को जानें।

इन गणना-आधारित तारीखों का हर नगर और हर दिन के लिए स्वतंत्र सत्यापन नहीं हुआ है। पर्व-दिन की पुष्टि स्थानीय पंचांग से करें; स्थान और परम्परा के अनुसार तारीख बदल सकती है। तारीखें कैसे चुनी जाती हैं

आगे की समर्थित तारीखें · सोमवार, 14 फ़रवरी 2028 · दिल्ली

पंचांग को समझें

प्रमुख पर्व

शिव के पर्व और व्रत

शक्ति के पर्व

गुरु और नाथ परम्पराएँ

आवर्ती पर्व और व्रत

इस पंचांग की गणना कैसे होती है

चुने हुए नगर के लिए समय भारतीय मानक समय (Asia/Kolkata) में हैं। तारीखें सूर्य और चन्द्र की गणना से निकाली गई हैं; इनकी स्वतंत्र प्रमाणिकता समीक्षा पूरी नहीं हुई है।

यह उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त मास-परम्परा का उपयोग करता है। अलग-अलग परम्पराओं में पर्व या व्रत की तारीख अलग हो सकती है। कुछ लुप्त-सूर्योदय तिथियों का व्रत-दिन अभी अनिर्णीत है।

चन्द्र-चित्र सूर्योदय के समय की सांकेतिक आकृतियाँ हैं। मुहूर्त, पारण या घटस्थापना के समय यहाँ नहीं दिए जाते।

पंचांग की पूरी पद्धति और सीमाएँ