पर्व, कथाएँ और परम्पराएँ
पर्व और व्रत
27 लेखों में पर्वों के अर्थ, परम्पराओं और कैलेंडर के सन्दर्भों को जानें।
इन गणना-आधारित तारीखों का हर नगर और हर दिन के लिए स्वतंत्र सत्यापन नहीं हुआ है। पर्व-दिन की पुष्टि स्थानीय पंचांग से करें; स्थान और परम्परा के अनुसार तारीख बदल सकती है। तारीखें कैसे चुनी जाती हैं
आगे की समर्थित तारीखें · शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 · दिल्ली
पंचांग को समझें
प्रमुख पर्व

अक्षय तृतीया / आखा तीज
दान, विष्णु–लक्ष्मी आराधना, शुभ आरंभ, आखा तीज और ओडिशा की कृषि-परंपरा—अक्षय तृतीया को व्यापक रूप से जानें।

भाई दूज / भैया दूज
दीपावली के बाद भाई-बहन का स्नेह-पर्व, जिसमें यम–यमुना कथा तथा अलग-अलग क्षेत्रीय रीतियाँ मिलती हैं।

छठ पूजा
सूर्यदेव और छठी मैया की चार-दिवसीय आराधना, संध्या और उषा अर्घ्य, पारिवारिक सहयोग एवं लोकगीत।

धनतेरस / धनत्रयोदशी
जानिए धनतेरस का महत्व, धन्वंतरि, लक्ष्मी–कुबेर पूजन, यमदीपदान, क्षेत्रीय दीपावली परंपराएँ और पंचांग से तिथि तय करने की सावधानियाँ।

दीवाली / दीपावली
दीपों से जुड़ी अनेक धार्मिक कथाएँ, सामाजिक रीति और क्षेत्रीय उत्सव।

दुर्गाष्टमी
उत्तर भारत की कन्या पूजा, कंजक, महागौरी, प्रसाद और अष्टमी-नवमी के अंतर का विश्वसनीय परिचय।

दशहरा / विजयादशमी
विजय की दसवीं तिथि: राम, दुर्गा और दशहरे की विविध जीवित क्षेत्रीय परंपराओं का परिचय।

गणेश चतुर्थी
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर गणपति का स्वागत क्यों होता है? कथा, परिवार की पूजा, मोदक, विसर्जन और क्षेत्रीय परंपराएँ जानिए।

हनुमान जयंती
हनुमान की शक्ति, विवेक और रामभक्ति के साथ उत्तर और दक्षिण भारत में जयंती की अलग-अलग तिथियाँ समझें।

होली
वसंत और रंगों की होली में प्रह्लाद की भक्ति, कृष्ण की लीलाएँ और विविध क्षेत्रीय परंपराएँ एक साथ मिलती हैं।

होलिका दहन
होलिका दहन की कथा, प्रह्लाद की भक्ति, फाल्गुन पूर्णिमा, भद्रा और क्षेत्रीय अग्नि-परंपराओं को समझें।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
श्रीकृष्ण जन्मकथा, अष्टमी-रोहिणी और निशीथ का भेद, नंदोत्सव, व्रत तथा भारत की विविध जन्माष्टमी परंपराएँ।

मकर संक्रांति
सूर्योपासना, अन्न के प्रति कृतज्ञता, दान, तिल-गुड़ और गोरखनाथ मंदिर के खिचड़ी मेले सहित अनेक लोकपरंपराओं का पर्व।

रक्षाबंधन
श्रावण पूर्णिमा से जुड़ा स्नेह और परस्पर जिम्मेदारी का पर्व, जिसमें पारिवारिक राखी के साथ विविध क्षेत्रीय परंपराएँ शामिल हैं।

राम नवमी
चैत्र शुक्ल नवमी पर श्रीराम जन्म का उत्सव—रामायण की कथा से लेकर क्षेत्रीय पूजा और परंपराओं तक।

वसंत पंचमी / सरस्वती पूजा
माँ सरस्वती की आराधना, विद्यारंभ, माघ शुक्ल पंचमी और वसंत के रंगों से जुड़ा विविध परंपराओं वाला पर्व।
शिव के पर्व और व्रत

महाशिवरात्रि
शिव-स्मरण, रात्रि-जागरण, कथा, पूजा और आत्मचिंतन से जुड़ी महान वार्षिक रात्रि।

मासिक शिवरात्रि
हर चंद्रमास की कृष्ण चतुर्दशी से जुड़ी शिव-उपासना, निशीथ काल, व्रत और पंचांग के भेद समझें।

प्रदोष व्रत
त्रयोदशी-संध्या से संबंधित नियमित शिव व्रत।

श्रावण सोमवार
सावन में शिवभक्ति के सोमवार, व्रत-पूजा और क्षेत्रीय पंचांगों की अलग-अलग गणना को समझें।
शक्ति के पर्व
गुरु और नाथ परम्पराएँ
आवर्ती पर्व और व्रत

अमावस्या
मासिक अमावस्या तिथि, पितृ-स्मरण, तर्पण और विविध क्षेत्रीय परंपराओं को प्रमाण सहित समझें।

एकादशी
एकादशी महीने में दो बार आने वाली चंद्र-तिथि है। विष्णु-भक्ति, पारण, स्मार्त-वैष्णव अंतर और प्रमुख परंपराएँ समझें।

करवा चौथ
दाम्पत्य-मंगल, सामूहिक कथा और चंद्र-दर्शन से जुड़ा उत्तर भारतीय वार्षिक व्रत, जिसकी शास्त्रीय और लोक-परंपराएँ अलग-अलग रूप रखती हैं।

पूर्णिमा
हर महीने की पूर्णिमा तिथि, सत्यनारायण कथा, क्षेत्रीय पौर्णमी परंपराएँ और अलग-अलग पंचांग नियम समझें।
इस पंचांग की गणना कैसे होती है
चुने हुए नगर के लिए समय भारतीय मानक समय (Asia/Kolkata) में हैं। तारीखें सूर्य और चन्द्र की गणना से निकाली गई हैं; इनकी स्वतंत्र प्रमाणिकता समीक्षा पूरी नहीं हुई है।
यह उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त मास-परम्परा का उपयोग करता है। अलग-अलग परम्पराओं में पर्व या व्रत की तारीख अलग हो सकती है। कुछ लुप्त-सूर्योदय तिथियों का व्रत-दिन अभी अनिर्णीत है।
चन्द्र-चित्र सूर्योदय के समय की सांकेतिक आकृतियाँ हैं। मुहूर्त, पारण या घटस्थापना के समय यहाँ नहीं दिए जाते।
पंचांग की पूरी पद्धति और सीमाएँ





